खेलो इंडिया जैसी पहल से निखर रही देश की खेल प्रतिभाएं, भारतीय खिलाड़ियों ने विश्व में बढ़ाया तिरंगे का गौरव : राकेश जम्वाल*

एसपीयू अंतर-महाविद्यालयीय बॉक्सिंग एवं बास्केटबॉल चैंपियनशिप-2026 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल, खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह*
रूप लाल कौंडल
मंडी । भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। खेलो इंडिया जैसी पहल ने देश के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच प्रदान किया है। आज भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

राकेश जम्वाल सुंदरनगर स्थित महाराजा लक्ष्मण सेन मेमोरियल कॉलेज में आयोजित एसपीयू अंतर-महाविद्यालयीय बॉक्सिंग एवं बास्केटबॉल चैंपियनशिप (पुरुष एवं महिला वर्ग)-2026 के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. पदम सिंह गुलेरिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की खेल भावना, अनुशासन और मेहनत की सराहना करते हुए उन्होंने युवाओं को खेलों में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कभी कमी नहीं रही, लेकिन अनेक खिलाड़ियों को अपनी क्षमता के अनुरूप अवसर और संसाधन नहीं मिल पाते थे। खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने, खेलों के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाने और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खेल अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के करियर, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं।

राकेश जम्वाल ने कहा कि पेरिस ओलंपिक-2024 में भारतीय खिलाड़ियों ने छह पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में रजत पदक हासिल किया, जबकि भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की। निशानेबाज मनु भाकर ने दो पदक जीतकर इतिहास रचा। वहीं, पेरिस पैरालंपिक-2024 में भारतीय खिलाड़ियों ने 29 पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। शतरंज में डी. गुकेश का विश्व चैंपियन बनना भी भारतीय युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य का शानदार उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों ने भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कबड्डी में प्रदेश की बेटियों ने अपने दमखम और खेल कौशल से हिमाचल का नाम रोशन किया है। ऋतु नेगी जैसी खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं। महिला क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों में भी हिमाचल की खिलाड़ी आगे बढ़ रही हैं। इन उपलब्धियों से साबित होता है कि उचित प्रशिक्षण, अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर प्रदेश के युवा किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।

राकेश जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में अनेक प्रतिभाशाली युवा मौजूद हैं, जिन्हें बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षित कोच और नियमित प्रतियोगिताओं के अवसर उपलब्ध करवाना आवश्यक है। महाविद्यालयों में आयोजित ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने, अनुभव प्राप्त करने और भविष्य में बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर देती हैं।

उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग और बास्केटबॉल जैसे खेल युवाओं में अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और संघर्ष करने की क्षमता विकसित करते हैं। खेलों में भागीदारी युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे हार-जीत से सीख लेते हुए निरंतर अभ्यास करें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें।

राकेश जम्वाल ने कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहल और शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित प्रतियोगिताएं भारत को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन से जुड़े महाविद्यालय प्रबंधन, आयोजकों, प्रशिक्षकों और सभी सहयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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